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November 1, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

झारखंड में रूबेला का एक भी पॉजिटिव केस नहीं, RIMS में 875 सैंपल की हुई जांच

झारखंड में इस समय रूबेला संक्रमण का कोई भी पुष्ट मामला सामने नहीं आया है। राजधानी रांची स्थित राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने स्पष्ट किया है कि जब तक किसी मरीज की पीसीआर (PCR) जांच रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं पाई जाती, तब तक उसे रूबेला से पीड़ित घोषित नहीं किया जा सकता।

एलिजा टेस्ट पॉजिटिव आने से संक्रमण की पुष्टि नहीं

डॉ. मनोज कुमार के अनुसार, खसरा (Meazles) या मीजल्स-रूबेला (MR) का टीका ले चुके व्यक्तियों के शरीर में एंटीबॉडीज विकसित हो जाती हैं। इसके चलते जब एलिजा (ELISA) जांच कराई जाती है, तो रिपोर्ट पॉजिटिव दिखाई दे सकती है। हालांकि, जब इन्हीं नमूनों की गहन पीसीआर (PCR) जांच की जाती है, तो नतीजे निगेटिव आते हैं। इसलिए महज एलिजा रिपोर्ट के आधार पर रूबेला इन्फेक्शन की पुष्टि नहीं मानी जाती।

रिम्स में राज्यभर से आते हैं संदिग्ध सैंपल

रिम्स स्थित माइक्रोबायोलॉजी लैब में पूरे झारखंड से रूबेला के संदिग्ध मरीजों के सैंपल परीक्षण के लिए भेजे जाते हैं। डॉ. मनोज कुमार ने जानकारी दी कि चालू वर्ष के दौरान प्रयोगशाला में कुल 875 संदिग्ध नमूनों का परीक्षण किया गया है। इनमें से शुरुआती एलिजा टेस्ट में केवल 21 सैंपल पॉजिटिव पाए गए थे।

21 एलिजा पॉजिटिव सैंपल की पीसीआर रिपोर्ट निगेटिव

एलिजा जांच में पॉजिटिव निकले उन सभी 21 सैंपलों का दोबारा पीसीआर टेस्ट कराया गया, जिनमें से एक भी सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई। विशेषज्ञों ने पुष्टि की है कि पीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आने के कारण राज्य में रूबेला संक्रमण का कोई भी सक्रिय मामला दर्ज नहीं हुआ है और स्थिति पूरी तरह सामान्य है।

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