Chandil : पैतृक जमीन पर जबरन कब्ज़े का आरोप : शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं, प्रशासन से न्याय की गुहार..

बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055 (wa)
एक दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित इस जमीन विवाद पर हुआ समझौता का समाचार को शिकायतकर्ता ने झूठा खबर बताया, बताया कि वे कभी किसी समझौता में मौजूद ही नहीं रहा ।
सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत चांडिल अंचल से एक गंभीर मामला सामने आया है । जहाँ न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामला चांडिल थाना क्षेत्र के साहेरबेड़ा गांव का है शिकायतकर्ता सुर्या पद महतो एवं अन्य ने संयुक्तरूप से अनुमंडल पदाधिकारी, चांडिल को दिए अपने आवेदन में बताया है कि उनके पूर्वजों के नाम दर्ज खाता और प्लॉट सं0 की रैयती जमीन पर जबरन कब्जा और बिना अनुमति एक पर्व आयोजन का आरोप लगाया है। इस पूरे विवाद को लेकर पीड़ितों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
उच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट निर्देश दिया था कि संबंधित अधिकारी, विशेष रूप से अनुमंडल पदाधिकारी, दस्तावेजों के आधार पर जांच कर पीड़ितों की जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
लेकिन आरोप है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद अब तक जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे पीड़ित परिवारों में आक्रोश और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
पीड़ितों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन सक्रिय नहीं हुआ, तो उनकी पुश्तैनी जमीन पूरी तरह कब्जे में चली जाएगी।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर कब कार्रवाई होगी? क्या प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाएगा, या फिर आदेश केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएंगे?

