रांची में बड़ा जल संकट, शहर में 7 लाख लोगों को नहीं मिला पानी; क्या है वजह

झारखंड की राजधानी रांची में एक बार फिर बुनियादी सुविधाओं की पोल खुल गई है। बिजली आपूर्ति व्यवस्था में आई अचानक खराबी के कारण शहर का एक बहुत बड़ा हिस्सा भीषण जल संकट की चपेट में आ गया है। इस तकनीकी खामी की वजह से रांची के लगभग 7 लाख नागरिकों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ा।
रातू रोड और टाउन लाइन से नहीं हुई जलापूर्ति
इस गंभीर समस्या की मुख्य वजह रुक्का फिल्टर प्लांट (Rukka Filter Plant) में बिजली की सप्लाई पूरी तरह ठप होना रहा। पावर कट की वजह से प्लांट से होने वाली वाटर सप्लाई पूरी तरह से रुक गई, जिसका सीधा असर शहर की दो प्रमुख मुख्य सप्लायर लाइनों—रातू रोड लाइन और टाउन लाइन पर पड़ा। इन दोनों मुख्य लाइनों से जुड़े दर्जनों मोहल्लों में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंच सकी।
रातू रोड लाइन प्रभावित होने की वजह से बरियातू रोड, मोरहाबादी, करमटोली और कचहरी रोड जैसे वीआईपी इलाकों के अलावा रातू रोड में देवी मंडप रोड के मुहाने तक सड़क के दोनों तरफ बसे हजारों घरों में पानी नहीं आया। इसके अलावा हरमू रोड, पुरानी रांची, अपर बाजार का एक हिस्सा, महावीर चौक, प्यादा टोली, मेकी रोड और न्यू मार्केट समेत इसके आस-पास की घनी आबादी को बिना पानी के ही दिन गुजारना पड़ा।
दूसरी तरफ, टाउन लाइन से जुड़ी पानी की सप्लाई ठप होने के कारण बूटी रोड, कोकर, एमईएस नामकुम, टाटीसिलवे, लालपुर, पुरूलिया रोड, कांटाटोली, सिरमटोली, चुटिया, स्टेशन रोड, कडरू रोड, मेन रोड और हिन्दपीढ़ी जैसे बड़े रिहायशी इलाकों में हाहाकार मच गया। इन क्षेत्रों में सरकारी नलों और पाइपलाइन की सप्लाई पर पूरी तरह निर्भर रहने वाले परिवारों को दैनिक कार्यों के लिए भी पानी नसीब नहीं हुआ, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।


