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October 28, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

गढ़वा को मिला नया DC, पशुपतिनाथ मिश्रा ने  35वें उपायुक्त के रूप में संभाला कार्यभार

गढ़वा को मिला नया DC, पशुपतिनाथ मिश्रा ने 35वें उपायुक्त के रूप में संभाला कार्यभार

झारखंड के गढ़वा जिले के प्रशासनिक ढांचे में एक बड़ा बदलाव हुआ है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी पशुपतिनाथ मिश्रा ने मंगलवार को आधिकारिक रूप से गढ़वा जिले के 35वें जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त (DC) का पदभार ग्रहण कर लिया। कलेक्ट्रेट (समाहरणालय) परिसर स्थित उपायुक्त कार्यालय में एक सादे गरिमामयी समारोह के दौरान उन्होंने कार्यभार संभाला। इस खास मौके पर जिला प्रशासन के तमाम आला अधिकारियों और कर्मचारियों ने नए उपायुक्त को पुष्पगुच्छ (गुलदस्ता) भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके नए सफल कार्यकाल की कामना की।

विकास और सुशासन को बताया प्राथमिकता

सरकारी दायित्व संभालने के तुरंत बाद मीडियाकर्मियों से संवाद करते हुए नवनियुक्त उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने जिले की प्रगति को एक नई गति और सही दिशा देने का अपना संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गढ़वा जिले में चहुंमुखी विकास, सुदृढ़ कानून व्यवस्था और जनहित से जुड़े कार्य प्रशासन के केंद्र बिंदु रहेंगे। राज्य और केंद्र सरकार की तमाम जनकल्याणकारी नीतियों को जमीनी स्तर पर असरदार ढंग से लागू करने के लिए सभी प्रशासनिक विभागों के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित कर सामूहिक रूप से काम किया जाएगा।

योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन पर जोर

नए उपायुक्त ने प्रशासनिक पारदर्शिता पर विशेष बल देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और तय समय सीमा के भीतर करना उनकी मुख्य प्राथमिकता होगी। उनका मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज के सबसे पिछड़े, गरीब और जरूरतमंद तबके के लोगों तक शासन की हर योजना का लाभ बिना किसी अड़चन या भ्रष्टाचार के सीधे और आसानी से पहुंच सके।

विकास कार्यों को दी जाएगी प्राथमिकता

पशुपतिनाथ मिश्रा ने आगे कहा कि जिले में बुनियादी ढांचागत विकास (इन्फ्रास्ट्रक्चर), स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और जनहित से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को विशेष तरजीह दी जाएगी। प्रशासनिक तंत्र को जनता के प्रति अधिक जवाबदेह, संवेदनशील और लोक-केंद्रित बनाया जाएगा ताकि आम नागरिकों की उम्मीदों पर प्रशासन खरा उतर सके। उन्होंने व्यवस्था को और अधिक सरल व सुलभ बनाने तथा जिले के समग्र विकास में स्थानीय जनता की भागीदारी (जनसहभागिता) को भी बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई।

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