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October 27, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

JHIMDI KAND : साहव ! हम झिमड़ी ग्रामवासी आगे भी शांति से रहेंगे पर आरोपी की धमकी पर पीड़िता की परिवार और ग्रामीणों को भयमुक्त रखने के लिए क्या व्यवस्था करेंगे प्रशासन ?

SERAIKELLA : सरायकेला-खरसवाँ जिले की नीमडीह थाना क्षेत्र की झिमड़ी गाँव मे गत शनिवार को हुई आगजनी हिंसा घटना के बाद गाँव मे धारा 163 को प्रभावी कर दिया गया। शांति स्थापित के लिए गाँव में भारी संख्या में पुलिस तैनात कर दिया गया। बाहर से गाँव मे आने जाने वाले लोगों पर प्रशासन की पैनी नजर है।

इधर घटना के बाद आरोपी तस्लीम अंसारी को गिरफ्तार कर जैल भेज दिया और पीड़िता प्रशासन की संरक्षण में है। जबकि कांड में शामिल होने की आरोप में तीन महिला समेत आठ लोगों को पुलिस जैल भेज दिया तथा 28 नामजद और 100 अन्यों के विरुद्ध पुलिस मामला दर्ज कर दिया। वहीं इस मामले के बाद गाँव मे सन्नाटा पसरा हुआ है। इस दौरान गाँव में पूर्ववत शांति बहाल हेतु प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास कर रही है।

इस संवंध में गत बुधबार को झिमड़ी गाँव की सामुदायिक भवन में वार्ता का आयोजन किया गया। जहाँ प्रशासनिक अधिकारियों के उपस्थिति में ग्रामीण भी उपस्थित रहे। जहाँ ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष कहा कि वेलोग मामले पर त्वरित कार्रवाई के लिए अनुरोध कर रहे थे बदले में प्रशासन उनपर लाठीचार्ज करवाया। इसलिए ग्रामीण आक्रोश में आ गए थे और भीड़ ने घटना का अंजाम दिया।

वहीं महिलाओं ने भी इस मामले में प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया। साथ ही ग्रामीणों ने कहा कि वे सभी अपनी गाँव में पूर्ववत शांति कायम रखना चाहते हैं लेकिन आरोपी की धमकी पर पीड़िता और उनकी परिवार तथा झिमड़ी ग्रामीणों को भयमुक्त रखने के लिए प्रशासन क्या उपाय करेंगे?

इधर गाँव के ही रकीब सांई ने कहा कि आरोपी तस्लीम अंसारी जो गया जिला से आकर झिमड़ी हाटतोला की सरकारी जमीन को अवैध रूप से कब्जा कर घर बनाया। उसका आचरण पहले से ही खराब है जो हिन्दू बेटी बहनों पर अत्याचार करते आ रहे हैं।

इधर सांई ने यह भी कहा कि जैल में बंद आरोपी से वेलोगों को कोई नाता नहीं उसका किया हुआ फल अब जैल में भुगत रहा है, उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि उसपर उचित जाँच कर सख्ती से कार्रवाई करें ताकि उसे बिल्कुल रिहा नहीं मिले तथा उसका कुकृत्य के लिए उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले।

इधर ग्रामीण महिलाओं ने अफसोस जताते हुए कही की इसबार विधानसभा मतदान के समय देड़ दर्जन से अधिक हिन्दू प्रत्याशि के होते हुए भी झिमड़ी गाँव की घटना में एक भी नेता हिन्दू के पक्ष में न खड़ा हुआ और न ही एक शब्द बोले।

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