गुमला : सरना स्थल से गुजर रहा भारत माला सड़क, ग्रामीणों का विरोध तेज

परियोजना का ग्रामीणों ने किया तीखा विरोध
झारखंड के गुमला जिले में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘भारतमाला सड़क परियोजना’ को लेकर स्थानीय आदिवासियों और ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। लठ्ठा बरटोली और आस-पास के गांवों में इस सड़क निर्माण कार्य का पुरजोर विरोध किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और निर्माण कंपनी उनकी धार्मिक भावनाओं तथा जमीनी अधिकारों की अनदेखी कर रही है, जिसके कारण क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई है।
धार्मिक आस्था और सरना स्थल पर संकट
आंदोलनकारियों का मुख्य विरोध इस बात को लेकर है कि प्रस्तावित भारतमाला एक्सप्रेसवे का मार्ग आदिवासियों के पवित्र धार्मिक स्थल ‘सरना स्थल’ के ठीक ऊपर या उसके बेहद करीब से होकर गुजर रहा है। स्थानीय समाज के अनुसार, सरना स्थल उनकी सदियों पुरानी आस्था, संस्कृति और पारंपरिक पूजा-अर्चना का केंद्र है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी विकास कार्य के लिए वे अपने इस पावन और ऐतिहासिक स्थल को खंडित या विस्थापित होने नहीं देंगे।

जमीन अधिग्रहण और सहमति का अभाव
धार्मिक कारणों के साथ-साथ रैयतों (जमीन मालिकों) का यह भी दावा है कि उनकी बहुफसली और पुश्तैनी कृषि भूमि का अधिग्रहण बिना उचित ग्राम सभा की अनुमति या स्थानीय लोगों की रजामंदी के किया जा रहा है। निर्माण कार्य शुरू करने के लिए जब कंपनी की गाड़ियां और मशीनरी गांव पहुंचीं, तो ग्रामीणों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए काम को पूरी तरह से रुकवा दिया। कुछ स्थानों पर निर्माण कंपनी के कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली है। ग्रामीण अपनी जमीन बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने की बात कह रहे हैं।
