गढ़वा में स्वास्थ्य सेवाएं होंगी पूरी तरह डिजिटल, सरकारी और निजी अस्पताल होंगे पेपरलेस

गढ़वा न्यूज: झारखंड के गढ़वा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अब जिले की चिकित्सा व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की तैयारी कर रहा है। जल्द ही, जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में कागजी कार्रवाई की जगह ऑनलाइन सिस्टम काम करेगा। मरीजों के पंजीकरण से लेकर जांच, दवा और इलाज तक की पूरी प्रक्रिया अब पेपरलेस होगी।
‘आभा’ ऐप के जरिए सुरक्षित रहेगा मरीजों का रिकॉर्ड
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत इस योजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. केनेडी के अनुसार, डिजिटल सिस्टम लागू होने के बाद मरीजों को अपने साथ मेडिकल फाइलों का भारी बोझ लेकर चलने की आवश्यकता नहीं होगी। मरीज का सारा स्वास्थ्य डेटा ‘आभा’ (ABHA) ऐप पर डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा।
बेहतर इलाज में डॉक्टरों को मिलेगी मदद

इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि जब भी कोई मरीज किसी नए अस्पताल या डॉक्टर के पास जाएगा, तो उसका पिछला मेडिकल इतिहास पोर्टल पर एक क्लिक में उपलब्ध होगा। डॉक्टर देख सकेंगे कि मरीज को पहले क्या बीमारियाँ रही हैं, उनकी पुरानी रिपोर्ट्स क्या थीं और कौन सी दवाएं दी गई थीं। इससे इलाज अधिक सटीक होगा और समय की बचत होगी।
13.5 लाख लोगों को जोड़ने का बड़ा लक्ष्य
गढ़वा जिले में लगभग 13.5 लाख निवासियों को आभा आईडी (ABHA ID) से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक करीब 5.5 लाख लोगों का पंजीकरण सफल रहा है। शेष लक्ष्य को पूरा करने के लिए सिविल सर्जन ने सभी प्राइवेट अस्पतालों और क्लिनिक संचालकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे आने वाले मरीजों का आभा रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। इसके साथ ही सभी चिकित्सा केंद्रों को हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री से जोड़ा जा रहा है।
चुनौतियां और प्रशिक्षण पर जोर
योजना की समीक्षा के दौरान कुछ व्यावहारिक बाधाओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों का मानना है कि इस डिजिटल ट्रांजिशन को सफल बनाने के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों के स्टाफ को उचित तकनीकी प्रशिक्षण देना अनिवार्य है। बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि राशन कार्ड की अनुपलब्धता के कारण कई लोग आयुष्मान योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इस मिशन की प्रगति का जायजा लेने के लिए राज्य स्तरीय टीम भी गढ़वा पहुंची थी। इस दौरान संयुक्त निदेशक मोनिका राणा और अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण सरकार की प्राथमिकता है और इसमें कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।
