गढ़वा में खाद की कालाबाजारी पर सख्ती, डीसी ने दिए कार्रवाई के निर्देश

खाद कालाबाजारी पर कार्रवाई: झारखंड के गढ़वा जिले में यूरिया और अन्य उर्वरकों की अवैध जमाखोरी और ऊंचे दामों पर बिक्री की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। किसानों को हो रही परेशानियों को देखते हुए कृषि विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम ने संयुक्त रूप से जिले के विभिन्न खाद प्रतिष्ठानों और संदिग्ध गोदामों में औचक छापेमारी की।
किसानों की शिकायतों पर हुई बड़ी कार्रवाई
पिछले कुछ दिनों से किसानों द्वारा लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि दुकानदार निर्धारित सरकारी दर से कहीं अधिक कीमत पर यूरिया बेच रहे हैं। साथ ही, कुछ क्षेत्रों में कृत्रिम कमी दिखाकर खाद की कालाबाजारी की जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने शनिवार को कई केंद्रों की जांच की।
स्टॉक रजिस्टर और गोदामों का मिलान
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने खाद दुकानों के स्टॉक रजिस्टर और पीओएस (POS) मशीन के आंकड़ों का मिलान किया। कई स्थानों पर भौतिक रूप से मौजूद खाद की मात्रा और रजिस्टर में दर्ज आंकड़ों में भारी अंतर पाया गया। प्रशासन ने संदिग्ध पाए गए कुछ गोदामों को सील कर दिया है और संबंधित दुकानदारों को स्पष्टीकरण जारी किया गया है।
दोषियों पर दर्ज होगी प्राथमिकी
अनुमंडल पदाधिकारी और जिला कृषि पदाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसानों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जांच में कालाबाजारी की पुष्टि होती है, तो संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ उन पर आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी।
किसानों से अपील: रसीद जरूर लें
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे खाद खरीदते समय दुकानदार से अनिवार्य रूप से रसीद मांगें। यदि कोई भी विक्रेता रसीद देने से मना करता है या अधिक मूल्य मांगता है, तो उसकी सूचना तुरंत प्रखंड कृषि पदाधिकारी या जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम को दें। प्रशासन ने खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी रखने का आश्वासन दिया है।

