ईचागढ़ प्रखण्ड का मामला : सीओ द्वारा रिश्वत मांगने की आरोप, 77 वर्षीय बुरुहातू ग्राम प्रधान की मानदेय दिलाने के लिए..

बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055 (wa )
SERAIKELLA : जहाँ राज्य के सीएम भी जिक्र कर चुके हैं कि राज्य की हरेक अंचल कार्यालय में दलालों का जमावड़ा लगा रहता है। आज वैसे ही ईचागढ़ अंचल कार्यालय से प्रताड़ित की एक मामला सामने आया है।
बता दें कि ईचागढ़ प्रखण्ड क्षेत्र की मैसाड़ा पंचायत के बुरुहातू गाँव के ग्राम प्रधान बलभद्र गोराई की मानदेय बंद हो जाने से करीब साल भर से अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहा है लेकिन कोई अधिकारी नहीं सुन रहे हैं।
77 वर्षीय ग्राम प्रधान श्रीगोराई की मानदेय सालभर से बंद रखा गया है, जिससे वह वर्तमान आर्थिक संकट से झेल रहा है। न तो उन्हें वृद्धा पेंशन की सुविधा मिल रहा है और न ही सरकार द्वारा घोषित ग्राम प्रधान की मानदेय। वर्तमान में वह इस महंगाई में बहुत हो कष्ट से गुजारा कर रहा है। इस संवंध में श्रीगोराई ने कहा कि वह अपनी मानदेय पुनः नियमित कराने के लिए करीब सालभर से ईचागढ़ अंचल कार्यालय का चक्कर लगा है।
पत्राचार के माध्यम से भी वह अपनी पीड़ा अंचल अधिकारी के समक्ष रखा पर कोई हल नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि गत फरवरी महीने में वह अपनी मानदेय पुनः नियमित कराने हेतु सीधे ईचागढ़ अंचल अधिकारी से जाकर दफ्तर में मिलकर अनुरोध किया। लेकिन श्रीगोराई ने अंचल अधिकारी पर रिश्वत मांगने की आरोप लगाया, कहा कि मानदेय नियमित कराने के लिए अधिकारी ने बीस हजार रुपये रिश्वत की मांग किया।
इधर श्रीगोराई ने कहा कि इस मामले को लेकर विधायिका सबिता महतो के पास भी गया लेकिन वह भी नहीं सुनी। बताते चलें कि यह एक वृद्ध व्यक्ति के साथ जो भी हुआ वह किसी भी दृष्टिकोण से सही नहीं लगता।
इसलिए ईचागढ़ अंचल अधिकारी को अपनी कर्तव्य समझकर त्वरित कार्रवाई करते हुए विभागीय स्तर से जाँच पड़ताल करा कर मानदेय से वंचित ग्राम प्रधान को पूर्ववत मानदेय नियमित कराने के लिए पहल करना चाहिए।
